Wednesday, March 18, 2015

Imperfect Love...


And in my own imperfect way, I loved her.

Friday, March 13, 2015

Wednesday, March 11, 2015

Chaand...


"चाँद क़िस्से तुम्हारे सुनाता रहा ,
और ख़्यालों की बस्ती भी रोशन रही..!"
                                                      (अनाम)

Saturday, March 07, 2015

Of Holiday Shopping..


Misej is shopping...
Me paying the bills..... guess what?.....
            Nothing changes!

Tuesday, February 03, 2015

Jeet...


युद्ध में जीत इस बात से नहीं तय की जाती कि आप जीते या हारे,बल्कि इस बात से तय की जाती है कि गोली आपने सीने पे खाई या पीठ पे...

Monday, January 19, 2015

Bheedh


दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,
जब बरसी ख़ुशियाँ  न जाने भीड़ कहां से आ गयी..

Fakira.....


मैं फकीरों से भी सौदा करता हूँ अक्सर जो एक रुपये में लाख दुआएं देता है..

Tum...


"मत बताओ कि कब घर से निकलोगे तुम ,
चाँद छुप जायेगा हम समझ जायेगें...!"

Thursday, December 11, 2014

Noor....


रात हुई है चाँद ज़मीं पर हौले-हौले उतरा है
तुम भी आ जाते तो सारा नूर मुकम्मल हो जाता!!

Monday, December 08, 2014

कश्मकश...


कश्मकश............मेरे इस दिलो-जहां में है,
मैं इश्क़ में हूँ....या ये सारा जहां खूबसूरत है..!!

Friday, December 05, 2014

Parting is such a sweet sorrow...


लगता था उनसे बिछडेंगे तो मर जाएेंगे...
कमाल का वहम था,
कमबखत 'बुखार तक नहीं आया'...m

Adab se...


कुछ और भी जज़्बातों को.....
बेताब किया उसने.....
आज मेहंदी वाले हाथो से....
आदाब किया उसने..!!!

Tuesday, December 02, 2014

Teer....


"Ek parinda abhi udaan mein hai
Teer har shakhs ki kamaan mein hai"

Thursday, November 27, 2014

Dard.....


ज़ख़्म दे कर ना पुछा करो, दर्द की शिद्दत....
"दर्द तो दर्द" होता हैं, थोड़ा क्या, ज्यादा क्या..

Saturday, November 15, 2014

Main...


"मेरे होने से ख़फ़ा हैं कुछ लोग,
  मेरे होने की गवाही ये है....!"

Tuesday, November 04, 2014

Zindagi


सब कुछ हासिल नहीं होता
ज़िन्दगी में यहाँ
किसी का "काश"
तो किसी का "अगर" छूट ही जाता है.

Sunday, November 02, 2014

Crappy Women


Every inch of my body wants to insult you but then a woman as crass as you will take it as a compliment.

Pyaas....


तेरे हाथ से मेरे होंठ तक, वो ही इन्तिज़ार की प्यास थी
मेरे नाम की जो शराब थी, कहीं रास्ते में छलक गयी।

Mast....

मस्त आँखों मे वो सुरूर कहाँ जो बोतल मे मचलती शराब मे है !

Tuesday, October 14, 2014

Manzil...

सीढ़ियाँ उन्हें मबारक हो जिन्हें केवल छत तक जाना है,
मेरी मंजिल तो आसमान है और वहां तक का रास्ता मुझे खुद बनाना है !